Bihar Jamin Survey 2025: बिहार के 45,000 मौजा में भूमि सर्वेक्षण शुरू हो चुका है। इसका उद्देश्य भूमि रिकॉर्ड अपडेट कर विवादों को कम करना है, जिससे राज्य के विकास और सुशासन को बढ़ावा मिलेगा।
अगर आप Bihar Jamin Sarvekhan कराना चाहते हैं, तो ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सभी भूस्वामियों को स्वघोषणा प्रपत्र 2 और वंशावली प्रपत्र 3 (1) भरना अनिवार्य है। साथ ही, जमीन से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी जमा करने होंगे।
Bihar Jamin Survey 2025: Overviews
Post Name | Bihar Land Survey 2025 |
Post Type | Sarkari yojna |
Department | राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग |
Form Name | स्वघोषणा प्रपत्र 2 और वंशावली प्रपत्र 3 (1) |
Survey Name | बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण |
Survey Start Date | 20th Aug 2024 |
Form Download Mode | Online |
Official Website | https://easytonet.info/ |
Short INfo. | बिहार के सभी 45000 मौजा में एक साथ भूमि सर्वेक्षण का कार्य शुरू कर दिया गया है। बिहार भूमि सर्वेक्षण एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य में भूमि रिकॉर्ड को अपडेट करना और भूमि संबंधी विवादों को कम करना है। यह सर्वेक्षण राज्य के विकास और सुशासन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। |
Read More: Bihar Girls 3000 Scheme Apply Online 2025: इन लड़कियों को सरकार दे रही 3000 रुपये ऐसे करे ऑनलाइन
Bihar Jamin Survey क्या है?
Bihar Jamin बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण बिहार सरकार की पहल है, जिसका लक्ष्य सभी जमीनों का सटीक सर्वेक्षण और रिकॉर्ड अपडेट करना है। इससे भूमि विवादों का समाधान होगा और भविष्य की समस्याओं को रोका जा सकेगा।
इस प्रक्रिया में पूर्वजों के नाम से चले आ रहे खतियान और रजिस्ट्री डीड के आधार पर उत्तराधिकारियों के नाम से नए खाते खोले जाएंगे। जमीन के मानचित्र अपडेट होंगे और भूमि स्वामित्व के अधिकार अभिलेख तैयार किए जाएंगे, जिसे प्रॉपर्टी कार्ड भी कहा जाएगा।
बिहार भूमि सर्वेक्षण के मुख्य उद्देश्य
इस भूमि सर्वेक्षण से आधुनिक तकनीक द्वारा पुराने और अधूरे अभिलेखों को अपडेट किया जाएगा, जिससे भूमि सीमा और स्वामित्व विवादों का समाधान होगा। सर्वेक्षण डेटा का उपयोग भूमि उपयोग नियोजन, कृषि, उद्योग और अन्य गतिविधियों के उचित आवंटन में किया जाएगा। सटीक अभिलेख राजस्व संग्रह बढ़ाने में मदद करेंगे, जबकि विकास कार्यों के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और कुशल बनेगी।
Bihar Jamin Survey 2025 बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण के फायदे
Bihar Jamin बिहार भूमि सर्वे के तहत सभी जमीन मालिकों की संपत्ति को उनके नाम पर दर्ज किया जाएगा। अक्सर एक ही जमीन पर कई लोग दावा करते हैं, जिससे विवाद उत्पन्न होते हैं। सर्वेक्षण के बाद असली मालिक की पहचान स्पष्ट होगी, जिससे भूमि विवादों में कमी आएगी और स्वामित्व संबंधी जानकारी सटीक और पारदर्शी रहेगी।
Bihar Jamin Survey 2025 बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण कैसे कराए
बिहार में सभी भूस्वामियों के लिए भूमि सर्वे अनिवार्य है। इसके लिए हर मौजा में कैंप लगाए गए हैं, जहां कानूनगो, अमीन और बंदोबस्त पदाधिकारी नियुक्त हैं।
Bihar Jamin सर्वे के लिए पहले स्वघोषणा प्रपत्र 2 और वंशावली प्रपत्र 3 (1) भरना होगा। सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद, सरकारी अमीन आपकी जमीन का सर्वेक्षण करेंगे।
Bihar Jamin Survey 2025 रैयतो के कर्त्तव्य क्या-क्या है
आवश्यक दस्तावेज़ और प्रक्रिया:
- प्रपत्र-2 (स्व-घोषणा) में चौहद्दी सहित भूमि विवरण भरें और शिविर में जमा करें।
- साथ में निम्न कागजात संलग्न करें:
- जमाबंदी संख्या / मालगुजारी रसीद (यदि उपलब्ध हो)
- खतियान की नकल (यदि उपलब्ध हो)
- मृत रैयत का मृत्यु प्रमाण पत्र
- वारिस प्रमाण पत्र या सक्षम न्यायालय का आदेश (यदि लागू हो)
- वंशावली प्रपत्र-3 (I) भरकर सभी दस्तावेज़ जमा करें।
आपत्ति और सुधार प्रक्रिया:
- प्रपत्र-7 और L.P.M. मिलने पर विवरण जाँचें, गलती हो तो प्रपत्र-8 में आपत्ति दें।
- सुनवाई के दौरान समय पर उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें।
- प्रारूप अधिकार अभिलेख/मानचित्र की जाँच करें, गलती पाए जाने पर प्रपत्र-14 में आपत्ति दर्ज करें।
- अंतिम अधिकार अभिलेख/मानचित्र का अवलोकन करें और कोई त्रुटि हो तो प्रपत्र-21 में आपत्ति दें।
- अधिकार अभिलेख (खतियान) की प्रति शिविर या बंदोबस्त कार्यालय से अवश्य प्राप्त करें।
Bihar Jamin Survey 2025: बिहार भूमि सर्वेक्षण 20 अगस्त से शुरू
Bihar Jamin राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार भूमि सर्वेक्षण की शुरुआत बड़े पैमाने पर कर दी है। जो लोग सर्वेक्षण की तारीख जानना चाहते थे, उनके लिए महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।
20 अगस्त से राज्य के 45,000 गांवों में भूमि सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू हो रही है। इससे भूमि रिकॉर्ड अपडेट होंगे और जमीनी विवादों में कमी आएगी।
Bihar Jamin Survey 2025: 177 श्रेणियों के आधार पर होगी बिहार में जमीन सर्वे
इस बार बिहार भूमि सर्वेक्षण कुल 177 श्रेणियों के आधार पर किया जाएगा। इसके तहत एक विशेष सूची तैयार होगी, जो जमीन की मूल प्रकृति को स्पष्ट करेगी।
यदि भूमि पर कोई संरचना या अन्य तत्व मौजूद हैं, तो उनका भी सर्वेक्षण में उल्लेख किया जाएगा, जिससे सटीक और विस्तृत भूमि रिकॉर्ड तैयार हो सके।
सर्वे में उपलब्ध होगी जमीन के प्रकृति
सर्वेक्षण के दौरान जमीन की सभी विशेषताओं का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा। यदि भूमि पर इमारत, कच्चा मकान, स्कूल, अस्पताल, केंद्र, तालाब, झील, जंगल, पेड़-पौधे, बगीचा, कुआं, नहर या पठार मौजूद है, तो इसे दर्ज किया जाएगा।
साथ ही यह भी बताया जाएगा कि भूमि खाली, खेती योग्य, बंजर या रेतीली है। जमीन की प्रकृति (सरकारी या निजी) और उसका गैर-खेती योग्य, आम या खास वर्गीकरण भी सर्वेक्षण का हिस्सा होगा, जिससे सटीक भूमि रिकॉर्ड तैयार हो सके।
भूमि सर्वेक्षण में लगने वाले महत्वपूर्ण दस्तावेज
क्रम संख्या | महत्वपूर्ण दस्तावेज |
---|---|
01 | प्रपत्र-2 रैयत द्वारा स्वामित्व/धारित भूमि की स्व-घोषणा हेतु प्रपत्र |
02 | प्रपत्र-3(1) वंशावली |
01 | मृत जमाबंदी रैयत की मृत्यु की तिथि |
02 | जमाबंदी संख्या की विवरणी |
03 | मालगुजारी रसीद संख्या/वर्ष |
04 | खतियान की नकल (यदि उपलब्ध हो तो) |
05 | दावाकृत भूमि से संबंधित दस्तावेजों का विवरण |
06 | सक्षम न्यायालय का आदेश (यदि हो) |
07 | मृतक का वारिश होने के संबंध में प्रमाण पत्र |
08 | आवेदनकर्ताओं के आधार कार्ड की छायाप्रति |
09 | आवेदनकर्ता के वोटर कार्ड की छायाप्रति |
प्रपत्र 2 और वंशावली प्रपत्र 3 (1) कैसे करें डाउनलोड और जमा
इन फॉर्म्स को आधिकारिक पोर्टल से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है।
- स्वघोषणा प्रपत्र 2 में भूमि विवरण जैसे रैयत का नाम, अंश, पिता का नाम, खाता, खेसरा, रकवा, जमीन का प्रकार और प्राप्ति का तरीका भरना होगा।
- वंशावली प्रपत्र 3 (1) में वंशानुक्रम से संबंधित जानकारी दर्ज करनी होगी।
Bihar Jamin भरने के बाद फॉर्म ऑफलाइन कैंप में जमा करें या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सबमिट करें। (लिंक नीचे उपलब्ध है।)
Bihar Jamin Survey 2024 Apply Online
अगर आप बिहार भूमि सर्वेक्षण 2024 के लिए ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करें।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। (सीधा लिंक नीचे तालिका में दिया गया है।)
- भूमि रिकॉर्ड पोर्टल या भू सर्वेक्षण आवेदन लिंक खोजें और क्लिक करें।
- लॉगिन पेज खुलने पर अपनी लॉगिन जानकारी दर्ज करें।
- ऑनलाइन फॉर्म भरें – व्यक्तिगत जानकारी, भूमि विवरण और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन जमा करें और दिए गए निर्देशों का पालन करें।
- आवेदन की स्थिति ट्रैक करें और जरूरत पड़ने पर अपडेट प्राप्त करें।
- अब घर बैठे आसानी से आवेदन करें और अपनी भूमि से संबंधित जानकारी अपडेट करें!
Bihar Jamin Survey 2025 important Links
Home Page | Click Here |
For Online Apply | Click Here |
For All Form Download | Click Here |
Check Sarve Camp Details | Click Here |
Official Website | Click Here |
Frequently Asked Question
बिहार भूमि सर्वेक्षण क्या है?
बिहार सरकार द्वारा शुरू किया गया एक व्यापक अभियान है, जिसका उद्देश्य भूमि रिकॉर्ड अपडेट करना और भूमि विवादों को कम करना है।
बिहार भूमि सर्वेक्षण 2024 के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
राज्य में किसी भी प्रकार की भूमि के स्वामी या उत्तराधिकारी आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
आप आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवश्यक जानकारी भरकर और दस्तावेज अपलोड करके ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
क्या सर्वेक्षण के बाद मुझे नया भूमि रिकॉर्ड मिलेगा?
हाँ, सर्वेक्षण पूरा होने के बाद आपको अधिकार अभिलेख (खतियान) प्राप्त होगा।
अगर सर्वेक्षण में कोई गलती हो जाए तो क्या करें?
गलती पाए जाने पर प्रपत्र-8, प्रपत्र-14 या प्रपत्र-21 के माध्यम से आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें?
आप आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करके अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं।
क्या सर्वेक्षण प्रक्रिया के लिए कोई शुल्क देना होगा?
नहीं, बिहार सरकार यह सर्वेक्षण निःशुल्क करवा रही है।
सर्वेक्षण प्रक्रिया कब तक पूरी होगी?
राज्य में सभी 45000 मौजा में यह सर्वेक्षण चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
Conclusion
बिहार भूमि सर्वेक्षण 2024 राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य भूमि रिकॉर्ड को पारदर्शी और अद्यतन बनाना है। इस सर्वेक्षण के माध्यम से भूमि स्वामित्व की स्पष्टता बढ़ेगी और भूमि विवादों में कमी आएगी।
इस प्रक्रिया के तहत भूमि की सटीक जानकारी, उसकी प्रकृति, स्वामित्व, और अन्य महत्वपूर्ण विवरण दर्ज किए जाएंगे। सभी भूस्वामियों को चाहिए कि वे समय पर आवश्यक फॉर्म (स्वघोषणा प्रपत्र 2 और वंशावली प्रपत्र 3 (1)) भरकर और दस्तावेज जमा करके अपनी भूमि का सर्वेक्षण सुनिश्चित करें।
यह सर्वेक्षण पूरी तरह निःशुल्क है और इसे ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है। सर्वेक्षण के दौरान यदि किसी प्रकार की गलती होती है, तो आपत्ति दर्ज कराने के लिए उचित प्रक्रिया उपलब्ध है।
इस पहल से भविष्य में भूमि स्वामित्व विवादों का निपटारा करने में सहायता मिलेगी और राजस्व रिकॉर्ड को डिजिटली सुरक्षित व अपडेटेड रखा जा सकेगा। सभी संबंधित भूस्वामियों को इस प्रक्रिया में भाग लेकर अपनी भूमि की स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्ज कराना चाहिए।